-मॉड्यूल एक का फिल्म, कहानी, अभ्यास, फ्लिप बुक, समूह चर्चा, रोल प्ले आदि के माध्यम से दिया प्रशिक्षण
आसफपुर (बदायूं)। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान के लक्ष्मी वाई गोष्ठी हाल में समूह सखी मॉड्यूल एक का चार दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण पोस्ट क्षमता आकलन प्रश्न पत्र के उपरांत प्रमाण पत्र वितरण कर संपन्न हुआ। प्रथम बैच में जनपद के विकासखंड बिसौली, अंबियापुर, दहगवां, कादर चौक, उझानी तथा द्वितीय बैच में जगत, आसफपुर, समरेर, म्यायूं, दातागंज और सलारपुर की समूह सखी ने हिस्सा लिया। द्वितीय बैच के समापन पर डीआरपी एसएमसीबी अमित कुमार सिंह तोमर ने कहा कि समूह सखी ने इस चार दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण में समूह की अवधारणा, गरीबी क्यों, समूह क्यों, नियम क्यों एवं पंच सूत्र, नेतृत्व एवं समूह प्रबंधन, समूह के पूंजीकरण के चरण एवं सूक्ष्म वित्त की प्रक्रिया को विभिन्न प्रशिक्षण की विधियों के माध्यम से जाना। डी आर पी अमित तोमर ने कहा कि प्रशिक्षित सहयोगी जो बैठक, बचत, अभिलेख, योजना आदि में मार्गदर्शन करें वह समूह सखी कहलाती है ऐसी समूह सखी जो प्रशिक्षित होकर समूह में सामूहिक सहभागिता को बढ़ाने में समूह के सदस्यों की मदद करती है सुलभ कर्ता के रूप में भी जानी जाती है। प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित करते हुए संस्थान के आचार्य डॉ सुनील कुमार वर्मा, प्रसार प्रशिक्षण अधिकारी पंकज कुमार, डीआरपी अमित कुमार सिंह तोमर आदि ने मार्ग निर्देशन किया। संस्थान के आचार्य डॉ सुनील कुमार वर्मा ने प्रशिक्षण के उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डाला। प्रशिक्षण में समूह सखी प्रीती, आविदा, ममता, सीमा पाल, कविता रानी, शकुंतला देवी, शिवानी, ज्ञान सरिता आदि ने प्रमाण पत्र प्राप्त किया। प्रशिक्षण को सफल बनाने में सत्र प्रभारी वीरपाल सिंह का विशेष सहयोग रहा। दोनों बैच के समापन सत्र का संचालन प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रभारी हरीश उपाध्याय ने डीआरपी अमित तोमर, सुषमा सहित सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए किया।
Budaun Amarprabhat